Sikar News: ‘शिक्षा नगरी’ या जलभराव की नगरी? नवलगढ़ और पिपराली रोड के बदहाल हालात पर उठे प्रशासनिक सवाल
सीकर (द ख़बर टाइम्स): राजस्थान का सीकर शहर, जिसे देश भर में ‘शिक्षा नगरी’ (Education Hub) के रूप में जाना जाता है, आज बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से जूझ रहा है। नवलगढ़ रोड और पिपराली रोड—जहाँ रोजाना देश-प्रदेश से आए हजारों स्टूडेंट्स अपने सुनहरे भविष्य की नींव रखने कोचिंग जाते हैं—वहाँ की सड़कें जलभराव और कीचड़ के कारण दलदल में तब्दील हो चुकी हैं। हल्की सी बारिश या नालियों के ओवरफ्लो होते ही यहाँ के हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि सड़कों और फ्लाइओवर के नीचे पानी का साम्राज्य कायम हो जाता है।

Sikar News लाखों की फीस देने वाले छात्रों को मिल रहा गंदा पानी और कीचड़
देश भर से माता-पिता अपने बच्चों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने का सपना लेकर सीकर भेजते हैं। भारी-भरकम फीस चुकाने के बाद भी इन युवाओं को कोचिंग जाने के लिए गंदे पानी और गड्ढों भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है।
- पैदल चलना दूभर: सड़कों के किनारे जलजमाव के कारण फुटपाथ पूरी तरह गायब हो चुके हैं, जिससे छात्र और स्थानीय लोग पानी में से गुजरने को मजबूर हैं।
- हादसों का खतरा: कीचड़ और पानी से भरे गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं।
प्रशासन और नगर निगम के दावों की खुली पोल
अरबों रुपये का राजस्व (Revenue) देने वाले इस एजुकेशन हब की सुध लेने वाला कोई नहीं है। नवलगढ़ रोड का फ्लाइओवर इलाका हो या पिपराली रोड का कमर्शियल बेल्ट, हर तरफ पानी की सही निकासी (Drainage System) न होने की समस्या साफ नजर आती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन हर बार सिर्फ कोरे आश्वासन देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी रहती है।क्या ‘एजुकेशन हब’ का तमगा सिर्फ बड़े-बड़े होर्डिंग्स तक ही सीमित रहेगा? अगर समय रहते इन मुख्य रास्तों की सुध नहीं ली गई, तो सीकर का यह नाम प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ जाएगा।
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