रींगस-खाटूश्यामजी में बदला मौसम का मिजजा: तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश; खेतों में पड़ी फसल खराब होने से किसानों की बढ़ी चिंता
हाइलाइट्स(Reengus Weather News )
- कुदरत का कहर: रींगस और खाटूश्यामजी क्षेत्र में बारिश और तेज हवाओं ने भारी तबाही मचाई है.
- फसलें बर्बाद: खेतों में कटी और खड़ी हजारों बीघा बाजरा, ज्वार और मोठ की फसल पानी में डूब गई है.
- अन्नदाता बेहाल: किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है, उनके चेहरों पर मायूसी छा गई है.
- प्रशासनिक सुस्ती: अब तक किसी भी सरकारी अधिकारी ने मौके का दौरा नहीं किया है और न ही नुकसान का जायजा लिया है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है.

रींगस / खाटूश्यामजी: राजस्थान के सीकर जिले के रींगस (Reengus Weather News) और विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी व आसपास के ग्रामीण इलाकों में प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया है।
आसमान से बरसी आफत और तेज हवाओं ने किसानों की महीनों की मेहनत को पल भर में तबाह कर दिया है। यह बेमौसम बरसात किसानों के लिए किसी बड़े संकट से कम नहीं है, क्योंकि उनकी पकी हुई फसलें बर्बाद हो गई हैं।
खेतों में कटी फसलें डूबी पानी में, किसानों को गहरा सदमा
इन दिनों क्षेत्र में खरीफ की फसल, विशेषकर बाजरा, ज्वार और मोठ की कटाई जोरों पर थी। कई किसानों ने फसल काटकर खेतों में ही सुखाने के लिए छोड़ रखी थी।
अचानक हुई भारी बारिश के कारण खुले में पड़ा यह अनाज पूरी तरह भीग गया है और खेतों में पानी भर जाने से फसलें जलमग्न हो गई हैं।
इस बर्बादी को देखकर किसानों को गहरा सदमा लगा है और वे अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं।
सरकारी संज्ञान का इंतजार, किसानों में बढ़ता आक्रोश
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद से अब तक प्रशासन या सरकार की तरफ से कोई सुध नहीं ली गई है।
न ही किसी कृषि अधिकारी या स्थानीय जनप्रतिनिधि ने मौके पर जाकर नुकसान का आकलन करने की जहमत उठाई है।
सरकार की इस चुप्पी से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि अन्नदाता के इस संकट के समय में सरकार पूरी तरह से असंवेदनशील बनी हुई है, जिससे उनका विश्वास डगमगा रहा है।




