खाटूश्यामजी मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम: आखिर कब जागेगा प्रशासन? श्रद्धालुओं की परेशानी पर गहरी चोट करती रिपोर्ट
सीकर/रींगस: खाटूश्यामजी के दरबार में हाजिरी लगाने जाने वाले भक्तों के लिए आस्था का यह सफर इन दिनों किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है। बाबा के दर्शनों की ललक और श्रद्धा लेकर आने वाले श्रद्धालु जब रास्ते में मीलों लंबे ट्रैफिक जाम में फंसते हैं, तो उनकी यह बेबसी प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। सामने आई ताजा तस्वीरें और वीडियो इस दर्द की गवाही दे रहे हैं, जहां गाड़ियाँ घंटों तक एक ही जगह पर रेंगने को मजबूर हैं।

आस्था के आगे बेबस ट्रैफिक व्यवस्था
खाटूश्यामजी आने वाले मुख्य मार्गों पर गाड़ियों की लंबी कतारें, बसों और कारों का आमने-सामने फंस जाना और एंबुलेंस तक का जाम में घिर जाना आम बात बन गई है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भारी वाहनों और प्राइवेट गाड़ियों की अराजक भीड़ के बीच आम लोग परेशान हो रहे हैं। क्या बाबा के दर पर आने वाले भक्तों की सुध लेने वाला कोई नहीं है?
प्रशासन की नींद कब खुलेगी?
त्योहारों, मेलों या सामान्य दिनों में भी यातायात प्रबंधन के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल देती है। घंटों जाम में फंसे रहने के बाद बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की जो हालत होती है, वह किसी का भी दिल पसीजने के लिए काफी है। क्या ट्रैफिक प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है?
जनता की पुकार
अब वक्त आ गया है कि जिम्मेदार अधिकारी कागजी दावों से बाहर निकलें और ज़मीन पर उतरकर पुख्ता ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू करें। श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाली इस व्यवस्था को सुधारना प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
द खबर टाइम्स की नजर इस गंभीर मुद्दे पर लगातार बनी हुई है। प्रशासन की नींद कब खुलेगी, यह देखने वाली बात होगी।




