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32 साल का इंतजार खत्म! शेखावाटी के लिए ‘किशाऊ परियोजना’ पर लगा ठप्पा; सीकर, चूरू और झुंझुनूं को ऐसे मिलेगा पानी

द खबर टाइम्स,सीकर। शेखावाटी की प्यास बुझाने और क्षेत्र को जल संकट से उबारने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जल संसाधन मंत्री सी. आर. पाटिल की मौजूदगी में किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना (Kishau Multi-Purpose Project) के लिए राजस्थान सहित 6 राज्यों के बीच संशोधित एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर हो गए हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से हुए इस समझौते ने शेखावाटी (सीकर, चूरू और झुंझुनूं) के लिए दीर्घकालीन जल सुरक्षा का एक मजबूत आधार तैयार कर दिया है।

किशाऊ परियोजना

क्या है किशाऊ बांध परियोजना और इससे क्या बदलेगा?

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर टौंस नदी (यमुना की सहायक नदी) पर प्रस्तावित इस परियोजना की कुल लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये है। यह केंद्र सरकार की राष्ट्रीय परियोजनाओं में शामिल है, जिसका 90% खर्च केंद्र सरकार और 10% भागीदार राज्य वहन करेंगे।

शेखावाटी को कैसे मिलेगा इसका फायदा?

  • 124 MCM पानी का आवंटन: इस परियोजना से राजस्थान को अपने हिस्से का 124 एमसीएम (Million Cubic Meters) पानी मिलेगा।
  • तीन भूमिगत पाइपलाइन: पानी को हरियाणा के हांसीवासी से लेकर चूरू, सीकर और झुंझुनूं तक पहुंचाने के लिए 3 अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएंगी।
  • पेयजल और सिंचाई: इससे शेखावाटी के गांवों और शहरों में न सिर्फ पीने के साफ पानी की किल्लत खत्म होगी, बल्कि कृषि और सिंचाई को भी नया जीवन मिलेगा।

32 साल पुराना दर्द होगा दूर!

साल 1994 में पांच राज्यों के बीच यमुना जल समझौता हुआ था, जिसके तहत राजस्थान को मानसून अवधि में ताजेवाला हेड से 1917 क्यूसेक जल आवंटित किया गया था। लेकिन कोई ठोस पाइपलाइन या वाटर सिस्टम न होने के कारण पिछले 32 वर्षों से शेखावाटी के लोगों को अपने हक का पानी नहीं मिल पा रहा था।

अब किशाऊ परियोजना और यमुना जल समझौते के तहत तैयार हो रही संयुक्त डीपीआर (DPR) से यह 32 साल का इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है।

शेखावाटी के विकास का नया अध्याय

यह सिर्फ पानी का समझौता नहीं है, बल्कि शेखावाटी के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को बदलने वाला मास्टरप्लाग है।

  • पानी + कनेक्टिविटी: बेहतर जल आपूर्ति के साथ-साथ क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे, हाईवे और सीकर-झुंझुनूं में हवाई संपर्क से जुड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है।
  • रोजगार और पर्यटन: पानी की उपलब्धता से कृषि, स्थानीय उद्योग और शेखावाटी के पर्यटन (हवेली और विरासत संरक्षण) को नई रफ्तार मिलेगी, जिससे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे।

क्विक फैक्ट्स टेबल (Quick Glance):

प्रमुख बिंदुविवरण
परियोजना का नामकिशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना
कुल लागतलगभग ₹15,000 करोड़ (90% केंद्र, 10% राज्य)
राजस्थान को आवंटन124 एमसीएम (MCM) पानी
मुख्य लाभार्थी जिलेसीकर, चूरू, झुंझुनूं और आसपास के क्षेत्र
सप्लाई का जरियाहरियाणा के हांसीवासी से चूरू तक 3 भूमिगत पाइपलाइन

Mahendra Singh

पिछले 2 वर्षों से ब्लॉगिंग, टेक न्यूज़, करंट अफेयर्स और ज़मीनी स्तर की लोकल न्यूज़ की दुनिया में सक्रिय रहकर, मैंने डिजिटल पत्रकारिता की हर नब्ज़ को गहराई से समझा है। वर्तमान में, मैं The Khabar Times का संचालन कर रहा हूँ, जहाँ मेरा मुख्य उद्देश्य तकनीकी हलचलों, समसामयिक मुद्दों और आपके इलाके की हर छोटी-बड़ी स्थानीय खबर को बिल्कुल सटीक, पारदर्शी और सरल अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना है।

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